प्रेग्नेंसी में पैरासिटामोल लेने से बचें:आखिर क्यों नहीं खानी चाहिए

लेखक: राधा तिवारी
 
  • प्रेग्नेंसी में पेनकिलर से खतरा
  • गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में हो सकता है नुकसान
  • जन्म के बाद बच्चे के ब्रेन में हो सकती है दिक्कत

अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने प्रेग्नेंसी में पैरासिटामोल के उपयोग पर स्टडी किया। इसमें कहा गया कि प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर के कहने पर ही किसी भी तरह की पेनकिलर या पैरासिटामोल लेनी चाहिए, वरना होने वाले बच्चे पर कई तरह से बुरा असर हो सकता है। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास को नुकसान पहुंचता है और जन्म के बाद बच्चे को दिमागी समस्या हो सकती है।

प्रेग्नेंसी में पेनकिलर से हो सकता है नुकसान
प्रेग्नेंसी में पेनकिलर से हो सकता है नुकसान

प्रेग्नेंसी में दवा के असर को दो तरह से जांचा

नेचर रिव्यू एंडोक्राइनोलॉजी जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है कि ब्रेन, रिप्रोडक्सन और यूरीन से जुड़ी बीमारियों से पैरासिटामोल का कनेक्शन मिला है। इसे समझने के लिए रिसर्चर की टीम ने 1995 से 2020 में बीच हुई पैरासिटामोल और प्रेग्नेंसी से जुड़ी रिसर्च की एनालिसिस की। रिसर्च करने वाले कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर डॉ. डेविड क्रिस्टेंसन ने प्रेग्नेंसी के दौरान पैरासिटामोल के असर पर दो तरह से जांच की। पहला, प्रेग्नेंट जानवरों पर और दूसरा गर्भवती महिलाओं पर।

कहीं दवा ना बन जाए दर्द की वजह
कहीं दवा ना बन जाए दर्द की वजह

बच्चों में आईक्यू लेवल कम

इससे पहले हुई रिसर्च में भी यह सामने आया है कि ऐसी मांओं के बच्चों में ऑटिज्म, हायपर एक्टिविटी डिसऑर्डर, लड़कियों में भाषा का धीरे सीख पाना और आईक्यू लेवल कम होने के बीच कनेक्शन मिला है। दुनियाभर में पैरासिटामोल का बढ़ता इस्तेमाल परेशान करने वाला है। यह बच्चों की सोचने-समझने और सीखने कैपेसेटी और उनके बिहेवियर पर असर डाल रही है। इतना ही नहीं, ऐसे पेनकिलर्स और टेस्टिकुलर कैंसर के बीच भी कनेक्शन मिला है।

गर्भ में बच्चे के विकास को हो सकता है नुकसान
गर्भ में बच्चे के विकास को हो सकता है नुकसान

पेनकिलर से है काफी नुकसान

रिसर्चर का कहना है, ऐसी मांओं के बच्चों का समय से पहले जवान होना, स्पर्मकाउंट का घटना, प्रजनन क्षमता में कमी आने जैसे मामले देखे गए हैं। वहीं, जब जानवरों पर इसका असर देखा गया तो सामने आया कि मादा जानवरों में अंडों की संख्या घट गई और प्रजनन की क्षमता कम हो गई।

रिसर्च में अंडों की संख्या में गिरावट
रिसर्च में अंडों की संख्या में गिरावट

क्या है पैरासिटामोल?

पैरासिटामोल को एसिटामिनोफेन के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग दर्द और बुखार के इलाज के लिए किया जाता है। ये ओवर द काउंटर दवा है जिसे डॉक्टर के पर्चे के बिना भी लिया जा सकता है। जैसे प्रेग्नेंसी में दर्द होना आम बात है। वह अपने परिवारवालों को दवा लाने को कहेगी, वह केमिस्ट के पास जाकर दर्द की कोई दवा लेकर आएगा। इससे उसे कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

पेन किलर लेने के नुकसान
पेन किलर लेने के नुकसान

क्या कहती हैं गायनकोलोजिस्ट

उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट हेड डॉक्टर एकता बजाज का कहना है कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को दर्द होना आम बात है। इसलिए प्रेग्नेंट महिला को हमलोग पैरासिटामोल लेने को कहते हैं, लेकिन इन पर निर्भरता बहुत खतरनाक हो सकती है। पैरासिटामोल 100 % सेफ है। आज तक इस दवा को लेकर कोई भी शिकायत नहीं हुई है। लेकिन प्रेग्नेंसी में कोई भी दवा बिना डॉक्टर के कंसल्ट के नहीं लेनी चाहिए। लंबे समय तक इन दवाओं का बिना सोचे-समझे या बिना डॉक्टरी परामर्श के सेवन करने से किडनी खराब होने तक का खतरा हो सकता है और बच्चे पर भी इसका असर हो सकता है।

हमेशा रखें इन बातों का ध्यान

  • कभी भी खाली पेट पेनकिलर दवाएं न लें। इससे शरीर में गैस्ट्रिक या एसिडिटी बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिससे तबियत और बिगड़ सकती है।
  • भले ही आप दवा दो घूंट पानी से लेते हों लेकिन दवा लेने के बाद शरीर में पानी की कमी न हो इसका पूरा ध्यान रखें। आप जब दवा लेते हैं तो किडनी के पूरे सिस्टम पर उसका सीधा प्रभाव पड़ता है।
  • दवा को तोड़ कर या क्रश करके न लें, ऐसे में दवा का पूरा डोज तेजी से शरीर में घुलता है और कई बार हमारा शरीर उसके प्रभाव को संभाल नहीं पाता और यह दवा के ओवरडोज की तरह काम करता है। ऐसे में अगर आपको पूरी एक टैबलेट लेनी है तो उसे तोड़कर लेने के बजाय पूरी निगलें।
Dr Rohit Bhaskar, Physio
Dr Rohit Bhaskar, Physio Dr. Rohit Bhaskar, Physio is Founder of Bhaskar Health and Physiotherapy and is also a consulting physiotherapist. He completed his Graduation in Physiotherapy from Uttar Pradesh University of Medical Sciences. His clinical interests are in Chest Physiotherapy, stroke rehab, parkinson’s and head injury rehab. Bhaskar Health is dedicated to readers, doctors, physiotherapists, nurses, paramedics, pharmacists and other healthcare professionals. Bhaskar Health audience is the reason I feel so passionate about this project, so thanks for reading and sharing Bhaskar Health.

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