खतरनाक है देर तक एक ही जगह बैठकर काम करना, हो सकती हैं ये शारीरिक समस्याएं

कोरोना काल के बाद अधिकतर कंपनियों ने वर्क-फ्रॉम होम की सुविधा दी हुई है। ऐसे में एम्पलाई घर पर ही टेबल-कुर्सी पर बैठकर लैपटॉप से काम कर रहे हैं।

घर से काम करने के कारण ऑफिस टाइमिंग बढ़ गई है। पहले के 8-9 घंटों के मुकाबले यह समय बढ़कर 10-12 घंटे तक हो गया है।

हालांकि कुछ ऑफिस की तरफ से एम्पलाई को कंफर्टेबल फर्नीचर (Comfortable Furniture) भी उपलब्ध कराए गए हैं। कुछ लोग घर में मौजूद फर्नीचर से ही काम कर रहे हैं।

डेस्क पर लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान पोश्चर बिगड़ने से (Body posture / position during work from home) कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। रिसर्च से यह साफ हो चुका है कि लंबे समय तक बैठने से कई तरह की सेहत संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं।

लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से मसल्स टाइट हो जाते हैं। इसका असर यह होता है कि शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द शुरू हो जाता है। जिससे लोगों को निम्न स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज का सहारा लेना पड़ता है।

साथ ही डेस्क जॉब और दिनभर कुर्सी पर बैठने वालों को शरीर की अकड़न दूर करने और फ्लेग्जिबल बने रहने के लिए स्ट्रेचेस (Body stretches for office workers people) करना पढ़ते हैं।

लेकिन इस तरह घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करना और अनएक्टिव लाइफस्टाइल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। आप जितना एक्टिव रहते हैं, उतनी है स्वस्थ जीवन की संभावना बढ़ जाती है

रिसर्च के मुताबिक, 8 घंटे से अधिक समय तक बैठने से पोस्टुरल समस्याएं (postural problems) हो सकती हैं। जैसे कि डिस्क को नुकसान (disc damage), गर्दन में खिंचाव (Strained neck) और बैक पीछे की ओर झुकना (Swayed back) आदि।

लंबे समय तक बैठने का नुकसान यह हो सकता है कि देर तक बैठेने से डीवीटी (Deep vein thrombosis) के मरीज की नसों में बनने वाली क्लाटिंग फेफड़ों में जाकर फंसने का खतरा होता है, जिससे पर्याप्त ऑक्सीजन न मिल पाने से जान जाने का भी खतरा रहता है।

ये समस्याएं कैसी बढ़ती हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है? इस बारे में इस आर्टिकल में जानेंगे।

Table of Contents
कम ऊर्जा खर्च होना (Low energy expenditure)
स्लो मेटाबॉलिज्म (Slower metabolism)
कंप्रोमाइज्ड पोश्चर (Compromised posture)
पीठ और रीढ़ की चोट (Back and spine injuries)
अकेलापन या अवसाद (Loneliness or depression)
पुराना दर्द (Chronic Pain)

1. कम ऊर्जा खर्च होना (Low energy expenditure)

यदि कोई लंबे समय तक एक ही जगह बैठता है तो उसकी नॉन-एक्सरसाइज एक्टिविटी कम हो जाती है। थर्मोजेनेसिस (Thermogenesis) आमतौर पर एक्सरसाइज की तुलना में कुल एनर्जी एक्सपेंडिचर / व्यय का बड़ा सोर्स होता है।

यदि कोई कोई चलेगा-फिरेगा नहीं और लंबे समय तक बैठा रहेगा तो यह एनर्जी व्यय कम हो जाएगा। इससे मोटापा, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

2. स्लो मेटाबॉलिज्म (Slower metabolism)

लंबे समय तक बैठने वाले लोगों का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। लगातार बैठे रहने से मसल्स कॉन्ट्रेक्शन में कमी आ जाती है, लंबे समय तक स्थिर बैठने से होती है। इससे ब्लड से फैट निकासी धीमी हो जाती है और इंसुलिन का प्रभाव भी कम हो जाता है। इस कारण से लोगों का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और वजन भी बढ़ने लगता है।

3. कंप्रोमाइज्ड पोश्चर (Compromised posture)

बैठने से पेल्विक मसल्स (Pelvic muscles) पीछे की ओर घूमता है, जिससे डिस्क पर दबाव आता है। यह स्थिति सिर को आगे की ओर ले जाती है और वजन ट्रांसफर करने के लिए कंधे मुड़ जाते हैं। इससे आपका शरीर आगे की ओर झुका हुआ प्रतीत होता है। लंबे समय तक ऐसा होने से शरीर आगे की ओर झुक जाएगा और बॉडी पोश्चर गलत हो  जाएगा।

4. पीठ और रीढ़ की चोट (Back and spine injuries)

लंबे समय तक एक जगह बैठने से टिश्यूज पर पड़ने वाला दबाव समय के साथ पीठ के निचले हिस्से पर अनुचित दबाव डालता है। आसपास की मांसपेशियों और जोड़ों (Muscles and joints) पर दबाव डालता है। इससे दर्द शुरू हो जाता है जो कि आगे चलकर गंभीर हो सकता है।

5. अकेलापन या अवसाद (Loneliness or depression)

जब कोई लंबे समय तक बैठकर काम करता है तो उसकी सोशल लाइफ कम हो जाती है। ऐसे व्यक्ति में अवसाद और अकेलेपन (Depression and loneliness) की भावनाएं बढ़ जाती हैं। डेस्क पर लंबे समय तक बैठे रहने का मतलब यह भी है कि आप शायद पर्याप्त बाहर नहीं निकल रहे हैं। धूप की कमी व्यक्ति में विटामिन डी (Vitamin D) की कमी का कारण बन सकती है। यह अवसाद का कारण भी बन सकती है।

6. पुराना दर्द (Chronic Pain)

काम करते समय गलत तरीके से बैठने या डेस्क पर लंबे समय तक बैठने से पीठ के निचले हिस्से के दबाव में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। इससे पुरानी चोट में ज्यादा दर्द होने का खतरा रहता है।

निष्कर्ष (Conclusion): आप समझ गए होंगे कि लंबे समय तक किसी जगह पर बैठना सेहत को कितना नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि हर 30 मिनट में कुछ देर वॉक कर लें या घर में ही पानी की बॉटल भरकर ले आएं।

इससे बॉडी एक्टिव बनी रहेगी और शारीरिक समस्याएं भी नहीं होंगी। दिन में कम से कम एक घंटा एक्सरसाइज जरूर करें। इससे एक्टिव रहने में अधिक मदद मिलेगी।

अगर कोई कन्फ्यूजन है तो हमसे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

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